राजकीय सम्मान के साथ शहीद पूर्वेश दुरुगकर का अंतिम संस्कार, "पूर्वेश दुरुगकर अमर रहे... भारत माता की जय के नारे से गूंजा इलाका.."
नागपुर: सुखोई Su-30 MKI लड़ाकू विमान हादसे में जान गवाने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरुगकर पंचतत्व में विलीन हो गए। शनिवार को नागपुर शहर के मानेवाड़ा शमशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद लेफ्टिनेंट के पिता ने मुखाग्नि दी। इस दौरान हजारों की संख्या में नागरिक भी मौजूद रहे।
असम के कार्बी आंगलोंग में हुए इस भीषण हादसे में फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरुगकर और स्क्वाड्रन लीडर अनुज की मौके पर ही मौत हो गई थी। दोनों पायलट प्रशिक्षण मिशन पर थे। जानकारी के अनुसार, विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद संपर्क टूट गया। बाद में यह विमान एयरबेस से लगभग 60 किलोमीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त पाया गया, जिसमें दोनों वीर पायलट शहीद हो गए।
शनिवार को शहीद पूर्वेश दुरुगकर का पार्थिव शरीर नागपुर पहुंचा, जहां वायुसेना के अधिकारी पूरे सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को दक्षिण नागपुर के न्यू सुभेदार नगर स्थित उनके निवास पर लेकर पहुंचे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में नागरिक, रिश्तेदार और मित्र अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे।
शाम करीब साढ़े तीन बजे पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए दक्षिण नागपुर के मानेवाड़ा घाट ले जाया गया। यहां भारतीय वायुसेना की ओर से पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के पिता ने उन्हें मुखाग्नि दी।
इस दौरान शहर भाजपा अध्यक्ष, नागपुर के जिलाधिकारी विपिन इटनकर सहित हजारों की संख्या में आम नागरिक और परिजन मौजूद रहे। अंतिम विदाई के समय पूरा इलाका “पुरवेश दुरुगकर अमर रहें” के नारों से गूंज उठा और हर आंख नम दिखाई दी। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए इस वीर सपूत को नागपुर ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
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